bajrangbali का यह मंत्र है बेहद शक्तिसाली, जपने से दूर होंगी सारी बाधाएं…

नई दिल्ली। राम भक्त हनुमान जी को अमर देवताओं में गिना जाता है। ऐसा माना जाता है यदि bajrangbali बजरंगबली की सच्ची श्रद्धा और भक्ती से उपासना की जाए तो वे आसानी से प्रसन्न हो जाते हैं। यदि इनकी पूजा आराधना सच्चे लगन से की जाए, साथ में उनके चमत्कारी मंत्र का जाप किया जाए तो जीवन की बड़ी से बड़ी बाधा पलक झपकते दूर होती है।

हनुमान कवच के बारे में आपने सुना होगा, हनुमान कवच को अद्भुत शक्तिसाली माना गया है। यदि कोई व्यक्ति घोर निराशा और परेशानी में हो और यदि वह इसका जाप करे तो उसके सभी कष्ट समाप्त हो जाएंगे। आपको बतादें हनुमान कवच का उपयोग स्वयं मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम ने भी रावण से युद्ध के दौरान किया था। श्री हनुमान कवच का उपयोग करते समय एकाग्रता के साथ घोर साधना अत्यंत आवश्यक है।

हमारे धर्म ग्रंथों और शास्त्रों में भी हनुमानजी को प्रसन्न करने के लिए हनुमान कवच का पाठ करने को बताया गया है। राम रावण युद्ध से पहले स्वयं भगवान श्री राम ने भी हनुमान कवच का पाठ किया था जिसकी वजह से उन्हे कई दिव्य रक्षा कवच मिले और रावण उनका कुछ नुकसान नीं कर पाया था।

कैसे करें हनुमान कवच का पाठ

हनुमान कवच का पाठ मंगलवार या शनिवार के दिन किसी शुभ मुहूर्त पर किया जाता है। इसका पाठ करने से पहले प्रत: स्नान कर  हनुमानजी की पूजा-अर्चना करें, उन्हें चोला (चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर) पहनाएं और साथ में जनेऊ चढ़ायें। इसके बाद उनके ईष्ट भगवान राम को प्रणाम करें। हनुमानजी की पूजा करें एवं सच्चे मन से नीचे लिखे हनुमान कवच के मंत्रों को रूद्राक्ष की माला से 108 बार जाप करें। जाप के बाद हनुमानजी से अपने सभी कष्टों को समाप्त करने की विनती करें। कवच का मूल मंत्र निम्न प्रकार है-

ॐ श्री हनुमंते नमः

इस मंत्र का जाप करने से सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियां समाप्त होती हैं। यदि आप पर या आपके व्यापार पर किसी का टोना-टोटका  या काला जादू किया गया है या फिर किसी बुरी आत्मा, कृत्या आदि का आव्हान किया है तो वो भी इससे पूरी तरह समाप्त हो जाता है।

हनुमान कवच के अतिरिक्त भी हनुमानजी के कई स्वयंसिद्ध मंत्र हैं, जिनके उपयोग से आप अपनी समस्याएं दूर कर सकते हैं। ये मंत्र निम्न प्रकार हैं-

कर्ज मुक्ति के लिए

ॐ नमो हनुमते आवेशाय आवेशाय स्वाहा

अपनी मनोकामनाओं को पूर्ण करवाने के लिए

महाबलाय वीराय चिरंजीवीन उद्दते। हारिणे वज्र देहाय चोलंग्घितमहाव्यये

संकट दूर करने के लिए

ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा

शत्रुओं तथा रोगों पर विजय पाने के लिए

ॐ नमो हनुमते रूद्रावताराय सर्वशत्रुसंहारणाय सर्वरोग हराय सर्ववशीकरणाय रामदूताय स्वाहा

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