मां दुर्गा की मूर्ति बनाने पर समाज ने किया था जिस महिला का तिरस्कार, उसे राज्यपाल से मिला सम्मान, देश-विदेश में है नाम

China Pal, sculptor

China Pal, sculptor

जिस देश में मां दुर्गा की पूजा की जाती हो, जिस समाज में कन्या पूजन की परंपरा सदियों से चली आ रही हो उस समाज द्वारा एक महिला का तिरस्कार करना दिल को झकझोर देता है। ये समाज की कुरिति नहीं तो और क्या है। आज ऐसी ही एक महिला की कहानी आपको बताने जा रहे हैं जिनका नाम है चाइना पाल। जो कोलकाता के कुमारतुली इलाके में रहती हैं। और मां दुर्गा-मां काली की मूर्तियां बनाती हैं। उनकी बनाई मूर्तियां देश-विदेश में बिक रही है, लेकिन ये सबकुछ करना उनके लिए इतना आसान नहीं था।

China Pal, Sculptor

पिता के काम को बेटी ने संभाला

6 भाई-बहन में सबसे छोटी चाइना पाल ने 10वीं तक पढ़ाई की है। वो अविवाहित है।  1994 में जब उनके पिता का देहांत हो गया तब उन्होंने पिता का मूर्ति बनाने का काम संभाला। जिस दिन चाइना के पिता का देंहात हुआ उसके 25 दिन बाद उसके 25 दिन बाद दुर्गा पूजा थी। कई मूर्तियां बन चुकी थीं और उन्हें बेचना था। तब चाइना ने घर का खर्च चलाने के लिए ये काम संभाला।

समाज ने किया तिरस्कार

जब उन्होंने मूर्ति बनाने काम शुरु किया तो उन्हें लोगों का काफी विरोध झेलना पड़ा। दरअसल बंगाल में महिलाएं मां दुर्गा की मूर्ति नहीं बनातीं। यह काम केवल पुरुष करते हैं। महिलाएं मूर्ति को पेंट तक नहीं कर सकतीं। उन्हें मां को छूने की मनाही है। जब वो अपनी मूर्तियां बेचने जातीं तो बाकी दुकानदार उनका विरोध करते

China Pal, Sculptor

पिता से सीखा मूर्ति बनाना

चाइना पाल बचपन से ही अपने पिता को मूर्ति बनाते हुए देखा करती थी। उन्हेंने देख देख कर मूर्ति बनानी सीखी। मुझे मूर्ति बनानी नहीं आती थी लेकिन बचपन से पिता को यह काम करते देखा था। मैंने देख-देखकर मूर्ति बनानी सीखी। लेकिन मूर्ति बनाना पिता के गुजरने के बाद शुरु की। क्योंकि उन्हें मेरा मूर्ति बनाना पसंद नहीं था। काफी विरोध के बावजूद उन्हों मूर्तियां बनाना नहीं छोड़ा। वक्त के साथ साथ लोगों को उनकी  बनाई मां दुर्गा और काली मां की मूर्तियां खूब पसंद आने लगीं। आज उनके पास तीन स्टूडियो है जिसमें दस से ज्यादा स्टाफ काम करते हैं। भारत के साथ साथ अब उन्हें अमेरिका, चीन जैसे देशों से भी ऑर्डर मिलते हैं।

काम से मिली पहचान और शोहरत

मूर्ति बनाने वाली वो इकलौती महिला थीं जिसकी वजह से वो लोगों के बीच मशहूर होन लगीं। अब नेता और अभिनेता उनके स्टूडियो में आते हैं और शूटिंग करते हैं।

China Pal, Sculptor

राज्यपाल से मिला अवॉर्ड

अपने हुनर से पहचान बनाने वाली चाइना पाल को 2013 में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल से अवॉर्ड मिला चुका है। वहीं वो भारत सरकार की तरफ से चीन में हुए एक इंटरनेशनल प्रोग्राम में शामिल हुईं। हाल ही उन्होंने एक मशहूर जूलरी ब्रैंड के विज्ञापन के लिए शूटिंग की।

अर्धनारीश्वर दुर्गा मूर्ति बनाने पर हुआ विरोध

साल 2015 में ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के कहने पर उन्होंने अर्धनारीश्वर दुर्गा मूर्ति बनाई थी, यह पहली बार अपनी तरह की अलग मूर्ति थी। ट्रांसजेंडर कम्युनिटी के लोगों ने इसे खूब सहारा लेकिन कुछ लोगों को यह पसंद नहीं आया।

पथरीली राहों पर चल कर देश विदेश में पहचान और शोहरत हासिल करने वाली चाइना पाल आज अपने हुनर की बदौलत दुनिया भर में जानी जाती हैं।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *