सुपरस्टार रेखा को मजबूरी ने बनाया एक्ट्रेस, अपने लुक्स के कारण कई बार हुईं रिजेक्ट, दुनिया आज भी दिवानी

Actress Rekha

Actress Rekha

बॉलीवुड अभिनेत्री रेखा (Rekha)…ये नाम सुनते ही सामने आ जाता है एक खूबसूरत चेहरा, मदहोश कर देने वाली दो आंखे और गजब की अदायगी। जिसने सालों तक लोगों को अपना मुरीद बनाया। और आज भी रेखा की आंखों की मस्ती बरकरार है। जिसके लिए मस्ताने आज भी बेरकरार रहते हैं। आज भी रेखा को लोग उतना ही प्यार करते हैं। आज भी वो अकेले महफिल लूट लेने का दम रखती हैं। और ये सबकुछ उन्होंने अपनी मेहनत और टैलेंट से हासिल किया है

Rekha

 चेहरे पर मुस्कुराहट, खूब सारी ज्वेलरी, महंगी साड़ी और दिलकश अदा, ये रेखा की पहचान है। आज रेखा 68 साल की हो गई हैं। एक वक्त था जब खूबसूरती की मिसाल कही जाने वाली रेखा अपने सांवले रंग, नैन नक्श और शरीर की बनावट की वजह से कई बार रिजेक्ट हुईं। रेखा की जिंदगी से जुड़ी खास बातें आपके साथ शेयर कर रहे हैं।

 पिता के प्यार से अंजान रहीं रेखा

रेखा साउथ एक्टर जेमिनी गणेशन और एक्ट्रेस पुष्पावली की बेटी हैं। दोनों ने शादी नहीं की थी जिसकी वजह से पिता जेमिनी ने रेखा को कभी अपनी बेटी का दर्जा नहीं दिया। रेखा का बचपन पिता के प्यार को तरसते हुए बीता। 3 साल की उम्र में रेखा तमिल की हिट फिल्म इंटी गुट्टी में नजर आई थीं। रेखा ने उसी कॉन्वेंट स्कूल से पढ़ाई की थी। जहां जेमिनी गणेशन और उनकी पहली पत्नी के बच्चे पढ़ते थे। रेखा के पिता रोज अपने बच्चों को लेने स्कूल जाते लेकिन रेखा को नजरअंदाज कर देते थे।

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परिवार के लिए छोड़ दी पढ़ाई

जेमिनी गणेशन ने रेखा और उनकी मां को जब अकेला छोड़ दिया तब रेखा ने पुष्पावली के कहने पर पढ़ाई छोड़ एक्टिंग में कदम रखा। रेखा को फिल्मों में काम करना बिल्कुल पसंद नहीं था।  

 पहली फिल्म के लिए मिले 25 हजार

 रेखा पहली बार फिल्म दो शिकारी में नजर आई थी। जिसमें वो लीड रोल में थी। इस फिल्म के लिए उन्हें 25 हजार रुपये मिले थे। 1969 में मुंबई आने के बाद रेखा मोहन सहगल की फिल्म सावन भादों में कास्ट की गईं। ये फिल्म हिट रही जिसके बाद उन्हें कई फिल्मों को ऑफर मिलने शुरु हो गए।

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 एक साल में दस फिल्में करती थी रेखा

 सावन भादो हिट होने के बाद उन्हें अधिकतर ग्लैमरस गर्ल का रोल ऑफर हो रहे थे। जब रेखा अपने करियर की उंचाईयों पर थी तब वो एक साल में करीब 10 फिल्में किया करती थीं। रामपुर का लक्ष्मण, कहानी किस्मत की, प्राण जाए पर वचन न जाए जैसी कॉमर्शियल फिल्मों में भी रेखा ने काम किया। उनकी सफलता देख पूरा सिनेमा जगत हैरान था कि सांवले रंग, कर्वी फिगर वाली लड़की भी फिल्मी दुनिया में इतनी शोहरत हासिल कर सकती है।

मिला रिजेक्शन तो बदल दिया लुक

 सांवले रंग और साउथ इंडियन फीचर्स के कारण उनकी तुलना उस दौर की टॉप हिरोइनें से की जाती थी जिसने रेखा को रिजेक्शन के साथ साथ काफी दुख दिया।  लेकिन ऱेखा ने इन बातों से निराश नहीं हुई बल्कि उन्होंने इसे पॉजिटिव लिया और खुद पर काम करना शुरु कर दिया।

रेखा ने अपनी ड्रेसिंग सेंस, मेकअप, और वजन पर काम करना शुरु किया। और तीन महीने के भीतर हिंदी बोलना सीख लिया। इसके बाद रेखा की दो अंजाने आई जिसके लिए उन्हें काफी तारीफें मिली। इस फिल्म में वो अमिताभ बच्च्न के साथ थीं। वहीं फिल्म घर उनके करियर का टर्निंग प्वाइंट साबित हुआ। इस फिल्म में विनोद मेहरा बतौर हीरो थे। इस फिल्म के लिए रेखा को बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेट किया गया। वहीं 1981 में आई फिल्म उमराव जान काफी हिट साबित हुई।

 जब करियर में आए उतार चढ़ाव

1990 से 2002 के दौरान रेखा की जिंदगी और करियर में काफी उतार चढ़ाव आए। ये वो दौर था जब रेखा अपने पति मुकेश की मौत के गम से बाहर निकलने की कोशिश कर रही थीं। वहीं 1991 में रिलीज हुई फिल्म फूल बने अंगारे हिट रही। और रेखा को बेस्ट एक्ट्रेस के लिए नॉमिनेट किया गया।

Rekha

ऱेखा ने कामसूत्र और खिलाड़ियों के खिलाड़ी जैसे कॉन्ट्रोवर्सियस फिल्म में भी नजर आई जिसने उनके गिरते करियर को थोड़ा संभालने का काम किया। लेकिन इसी दौरान श्रीदेवी और माधुरी दीक्षित जैसी हिरोइनों का स्टारडम अपने पीक पर था। धीरे-धीरे रेखा ने फिल्मों से दूरी बनानी शुरु कर दी। आज रेखा अपनी कमाई इवेंट्स, स्टोर ओपनिंग और ब्रांड एंडोर्स से करती हैं।

 

 

 

 

 

 

 

 

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