story of woodland: बंटवारे के कारण पड़ी वुडलैंड जूते की नींव, बना दुनियां का सबसे बड़ा ब्रैंड

Woodland Shoes

Woodland Shoes

Story of woodland: नई दिल्ली। कहते है कि इंसान की पर्सनेल्टी उसके जूतों से देखी जाती है। जितना अच्छा पैर में जूता होगा उसका रहन-सहन उतना ही अच्छा होगा। फिर बात जब वुडलैंड जूतों की हो तो, उससे उस इंसान की पहचान अलग से समझ में आ जाती है। आज के समय में वुडलैंड ब्रैंड कपंनी के जूते को हर बड़ी हस्ती पहनना चाहती है भारतीय बाजार में यह हर किसी की पहली पंसद बन चुका है। लेकिन क्या आप जानते है कि इसकी नीव भारत में कैसे पड़ी। 



यह बात बहुत ही कम लोग जानते होंगे कि विदेशी कंपनी के रूप में पहचान बनाने वाले वुडलैंड ब्रैंड कंपनी की शुरुआत उस ऐरो क्लब से हुई जो 80 के दशक में कनाडा और रशिया के लिए विंटर बूट बनाता था।
ऐरो क्लब की स्थापना दिल्ली के अवतार सिंह ने की थी जो 70 के दशक से जूतों के कारोबार से जुड़े थे। तब इनका कोई अपना खुद का ब्रैंड नहीं था, इसलिए 1980 में ऐरो क्लब की शुरुआत की। इस कंपनी का सबसे बड़ा पार्टनर था रशिया। जहां इस जूतों की सबसे ज्यादा डिंमाड थी लेकिन 1992 में जब सोवियत संघ का बंटवारा हुआ तो इसका असर इस ब्रांड पर पड़ा, भारत से रूस भेजे जाने वाले ऑर्डर रातों-रात रद हो गए। रशिया के लिए भेजे जाने वाला जूतों का बड़ा स्टॉक इस बटवारे के साथ तबाह हो गया।

 
यूं पड़ी वुडलैंड की नींव

रशिया का मार्केट बिखरने से अवतार सिंह उपर मानों मुसीबत का पहाड़ टूट गया क्योंकि उनके स्टॉक में ऐसे रफ-टफ जूते बनाए जाते थे कि सर्दी से रूस के लोग सुरक्षित रह सकें। हैंडमेड जूते जिसे मोटे लेदर को सिलकर तैयार किया गया था. सोल हार्ड रबड़ के लगाए गए थे ताकि जूते लम्बे समय तक चल सकें।

अवतार सिंह को मिले नुकसान के बाद उन्होंने इन जूतों को भारत में बेचने का फैसला लिया। और इसे वुडलैंड ब्रैंडनेम से भारतीय बाजार में उतारा। शुरू में दिल्ली के कनॉट प्लेस में इसके दो शोरूम बनाकर इन्हें बेचना शुरू किया। मजबूत और लम्बे समय तक चलने वाले इन हैंडमेड जूतों को धीरे धीरे लोग पसंद करने लगे।  समय के साथ इसकी पॉपुलैरिटी इतनी बढ़ी कि देशभर में कंपनी के 600 ब्रांड आउटलेट बन गए।

पहले इन जूतों को कुछ खास कलर के साथ जैसे ब्लैक, खाकी, ऑलिव और कैमल कलर में पेश किया गया। समय के साथ इसमें कुछ बदलाव करके भारतीय युवाओं की पसंद से बनाए जाने लगे।  
एसेसरीज मार्केट में भी पहचान बनाई

शू ब्रैंड स्थापित होने के बाद अवतार सिंह ने एक एडवेंचर ब्रैंड की पहचान बनाने के लिए ट्रैकिंग शूज और बैग्स लॉन्च किए. धीरे-धीरे कंपनी ने ऐसे कई प्रोडक्ट लॉन्च किए जिसके जरिए सीधे तौर पर युवाओं को टार्गेट किया. युवाओं के लिए पेश किए गए कंपनी के प्रोडक्ट्स को काफी पसंद किया गया
ory of woodland

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *