karva chauth auspicious time : यहां जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि तथा चंद्रोदय का सही समय

karva chauth festival
karva chauth auspicious time: करवा चौथ पर्व सुहागिन महिलाओं के द्वारा रखे जाने वाला ख़ास व्रत है। इस पर्व पर सुहागिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक व्रत रखती है। इस दिन महिलाएं निराहार तथा निर्जल उपवास करके अपने पति के की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती हैं। करवा चौथ पर्व पर सूर्योदय से पहले महिलाएं सरगी ग्रहण करती हैं तथा शाम को करवा माता का पूजन, कथा तथा आरती को करती हैं। इसके बाद शाम को जब चन्द्रमा के दर्शा होते हैं। तब सुहागिन महिलाएं चंद्र दर्शन करते हुए उसको अर्ध्य देती हैं तथा अपने पति के हाथ से जल ग्रहण कर अपने व्रत को खोलती हैं। आइये अब आपको बताते हैं की इस वर्ष करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त क्या है।
करवा चौथ पूजन का शुभ मुहूर्त
आपको बता दें की यह पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष 13 अक्तूबर 2022 को यह पर्व है। इस व्रत में महिलाएं उपवास करते हुए भगवान शिव, कार्तिकेय, गणेश, चंद्रदेव तथा देवी पार्वती का पूजन करती हैं। इस पर्व पर माता करवा का पूजन शुभ मुहूर्त में किया जाता है। इसके बाद चंद्रमा को अर्ध्य देते हुए व्रत को पूरा किया जाता है।
पूजन का शुभ मुहूर्त – शाम 05 बजकर 54 मिनट से 07 बजकर 03 मिनट तक।
अवधि – 1 घंटा 09 मिनट।
चंद्रोदय का समय – शाम 08 बजकर 10 मिनट पर।
जानकारी दे दें की करवा चौथ की चतुर्थी तिथि 13 अक्तूबर को रात 01 बजकर 59 मिनट पर प्रारंभ हो जाएगी। फिर 14 अक्तूबर को सुबह 03 बजकर 08 मिनट तक रहेगी।
करवा चौथ पूजन विधि
इस दिन सुहागिन महिलाएं भगवान शिव,माता पार्वती,स्वामी कार्तिकेय, चंद्रदेव और गणेशजी का पूजन करती हैं। आप शाम के समय इन सभी की प्रतिमाएं या तस्वीरें पूजाघर में स्थापित कर इन सभी का पूजन करें। सभी को फल अर्पित करें तथा परिवार के लिए सुख समृद्धि की प्रार्थना करें। इसके बाद आप शिव चालीसा का पाठ कर सकती हैं। आप करवा चौथ की कथा पढ़ें तथा अंत में आरती कर क्षमा प्रार्थना करें। इस समय सुहागिन स्त्रियाँ यदि श्री सूक्त का पाठ करती हैं तो यह उनके लिए लाभप्रद होता है। अंत में पति पत्नी दोनों मिलकर मां गौरी को श्रृंगार सामग्री अर्पित करें तथा पूजन का समापन करें।