Chhath Puja 2022 Rule: छठ पूजा व्रत में न करें ये गलतियां, आपकी पूजा हो जाएगी व्यर्थ, जानिये छठ पूजा के 15 नियम

Chhath Puja 2022 Rule

Chhath Puja 2022 Rule: आज से छठी मइया और सूर्य देव की अराधना का पर्व की शुरुआत हो चुकी है। आज यानि 28 अक्टूबर को नहाय खाय के साथ पर्व का पहला दिन शुरु हो चुका है। छठ मइया के व्रत के नियम को बहुत की कठिन माना जाता है। मान्यता है कि छठ मइया की अराधना, पूजा और निर्जल उपवास से संतान की आयु लंबी होती है साथ ही परिवार में सुख समृद्धि बनी रहती है।

जो लोग पहले से इस व्रत को रखते आ रहे हैं, वो इस व्रत के नियमों को भली भांति जानते हैं। जो लोग पहली बार छठ पूजा का व्रत रखने वाले हैं, उनको भी इस व्रत के नियमों को जानना चाहिए। नियमपूर्वक व्रत करने से ही फल की प्राप्ति होती है। पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ गणेश मिश्र के अनुसार छठ पूजा व्रत के नियम इस प्रकार हैं।

Chhath Puja

Chhath Puja 2022: Rule छठ पूजा व्रत के नियम

1. छठ पूजा का व्रत भगवान सूर्य और छठी मइया का है, इसलिए प्रतिदिन सूर्य आराधना करना तथा छठी मइया का स्मरण करना आवश्यक है।

2. छठ पूजा का व्रत सबसे कठिन होता है क्योंकि य​ह निर्जला और निराहार रखा जाता है।

3. नहाय खाय से छठ पूजा का प्रारंभ होता है, इसमें सात्विक भोजन करने का विधान है. लहसुन प्याज वाला भोजन करने से व्रत असफल होता है। उस व्रत का फल प्राप्त नहीं होगा। सूर्य देव और छठी मइया भी प्रसन्न नहीं होंगे।

4. छठ पूजा के व्रत में आप जो भी नमक वाला भोजन या पकवान बनाते हैं, उसमें सेंधा नमक का उपयोग होता है। साधारण नमक का उपयोग वर्जित है।

5. छठ पूजा में प्रसाद रखने के लिए बांस की नई टोकरी का उपयोग होता है। इसमें पुरानी टोकरी का उपयोग न करें। ऐसे ही पूजा के समय सूप या थाल का प्रयोग होता है, वह भी नया ही होना चाहिए।

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Chhath Puja 2022 Rule: व्रती को बिस्तर पर सोना वर्जित हैं

6. जो व्रत रखता है, उसे बिस्तर पर सोना वर्जित होता है। वह जमीन पर चटाई बिछाकर सो सकता है।

7. छठ पूजा का व्रत प्रारंभ करने से पूर्व घर की अच्छे से साफ सफाई कर लेनी चाहिए। उसके बाद ही स्नान करें और प्रसाद या भोजन बनाएं।

8. छठ पूजा का प्रसाद मिट्टी के चूल्हे पर बनाना चाहिए। भोजन वाले स्थान से अलग हटकर छठ पूजा का प्रसाद बनाते हैं।

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Chhath Puja 2022 Rule: ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

9. इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि प्रसाद का भोग छठी मइया को लगाने के बाद ही किसी को दें. उससे पहले कोई खा लेता है तो वह प्रसाद झूठा माना जाता है.

10. छठ पूजा के प्रसाद में ठेकुआ अवश्य बनाएं, क्योंकि यह छठी मइया को बहुत ही प्रिय है।

11. जो व्यक्ति छठ पूजा का व्रत रखता है, उसे नए वस्त्र पहनने चाहिए।

12. व्रत और पूजा पाठ से आत्म संयम की भी परीक्षा होती है. इन चार दिनों में आप स्वयं को नकारामक बातों से दूर रखें। किसी पर क्रोधित न हों, किसी के बारे में बुरा न सोचें। ब्रह्मचर्य के नियमों का पालन करें।

13. छठ पूजा के तीसरे दिन जब संध्या अर्घ्य देते हैं तो उस समय बांस के सूप में कसार यानि चावल के लड्डू, फल, ठेकुआ आदि रखकर डूबते सूर्य को जल अर्पित करते हैं।

14. छठ पूजा के संध्या अर्घ्य वाली रात छठी मइया का लोक गीत और कथा सुनते हैं। उसके अगले दिन उषा अर्घ्य देते हैं।

15. सूर्य को उषा अर्घ्य देने के बाद प्रसाद ग्रहण करके छठ पूजा व्रत का पारण किया जाता है।

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