February 27, 2024

Mars Planet: पहली बार दिखे मंगल पर पृथ्‍वी जैसे बादल, वैज्ञानिक हैं हैरान, मंगल को लेकर किया यह बड़ा खुलासा

Earth-like clouds seen on Mars for the first time

Earth-like clouds seen on Mars for the first time

Mars Planet: जैसा की हम जानते हैं कि कई स्‍पेस एजेंसियां काफी समय से मंगल पर जीवन तलाशने में लगी है | ऐसे में साल 2019 में यूरोपीय स्‍पेस एजेंसी ESA के मार्स एक्सप्रेस ऑर्बिटर पर लगे दो कैमरों ने मंगल ग्रह के नॉर्थ पोल के पास धूल भरी आंधियों की एक सीरीज को तस्‍वीरों में कैद करके पृथ्वी पर भेजा था। इन तस्वीरों का विश्‍लेषण करके साइंटिस्टों ने पाया कि मंगल ग्रह पर धूल के बड़े बादल वैसे ही हैं जैसे पृथ्वी पर बनने वाले जल वाष्प बादल होते हैं। अब वैज्ञानिक विश्लेषण से काफी हैरान हो रहे हैं, क्‍योंकि दोनों ग्रहों का वातावरण समान नहीं है।

Earth-like clouds seen on Mars for the first time

क्या मगल पर मौजूद है पानी?
आपको बता दें कि पृथ्‍वी पर बनने वाले ज्‍यादातर बादल धूल के बादल नहीं हैं। वो अपने में पानी समेटे रखते हैं क्योंकि पृथ्‍वी पर जो बादल बनते हैं उनका निर्माण जल चक्र और पृथ्वी के वायुमंडल की के आधार पर होता है। लेकिन यहां के मुकाबले मंगल का वातावरण बेहद ठंडा और सिर्फ 1 फीसदी ही घना है। बावजूद इसके मंगल पर बादल कैसे हो सकते हैं। यही कारण है कि वैज्ञानिक हैरान हैं। इकारस में पब्लिश रिसर्च पेपर जो की इसी मामले से जुड़े हैं, में कहा गया है कि आज अगर मंगल पर पानी मौजूद है तो वो सिर्फ बर्फ के रूप में है। वहां जो भी थोड़ा बहुत पानी बनता है वो उन्ही बादलों से ही बनता है लेकिन ज्यादातर सिर्फ धुल के बादल वहां मौजूद हैं।

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मंगल पर जीवन का रहस्य खुलेगा अब
अगर मंगल ग्रह के वातावरण आमतौर पर शुष्क रेगिस्तान के जैसा ही है। लेकिन रिसर्च में जो सामने आया है, वह काफी हैरान करने वाला है। आपको बता दें कि जब रिसर्चर्स मंगल ग्रह की धूल भरी आंधियों को ऊपर से ऑब्‍जर्व कर रहे थे तब पता चला कि वह तूफान प्रणाली पृथ्वी के बादलों की तरह ही दिखाई दे रही है। लेकिन पृथ्वी और मंगल के ऐसे बादलों में सिर्फ नारंगी रंग उन्हें अलग बनाता है। इस रिसर्च से वैज्ञानिकों का यह मानना है कि भविष्‍य में शायद यह समझने में मदद मिल सके कि करोड़ों साल पहले मंगल ग्रह का वातावरण कैसा रहा हो सकता है। इस गुठी को शायद सुझाने में भी मदद मिल सके कि वहां कभी जीवन था या नहीं।

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